Dr. Aruna Ashok MBBS, MS OG, DNB OG
- Clinical Director
जब कोई महिला गर्भधारण करने की कोशिश कर रही होती है या असुरक्षित संबंध के बाद प्रेगनेंसी को लेकर सोच रही होती है, तो सबसे पहला सवाल यही होता है—"क्या मैं प्रेग्नेंट हूँ?"
हालांकि पीरियड मिस होना प्रेगनेंसी का सबसे सामान्य संकेत माना जाता है, लेकिन यह अकेला लक्षण नहीं है। कई महिलाओं में गर्भधारण के 7 से 14 दिनों के भीतर ही शरीर में कुछ बदलाव महसूस होने लगते हैं। वहीं कुछ महिलाओं को शुरुआती दिनों में कोई भी लक्षण महसूस नहीं होते।
इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि प्रेगनेंसी है या नहीं कैसे पहचाने, शुरुआती लक्षण क्या होते हैं, प्रेगनेंसी टेस्ट कब करना चाहिए, डॉक्टर से कब मिलना चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
प्रेगनेंसी तब होती है जब पुरुष का शुक्राणु (Sperm) महिला के अंडाणु (Egg) से मिलकर निषेचन (Fertilization) करता है। इसके बाद निषेचित अंडाणु गर्भाशय (Uterus) की दीवार में जाकर चिपक जाता है, जिसे Implantation कहा जाता है।
इसी समय शरीर में hCG (Human Chorionic Gonadotropin) हार्मोन बनना शुरू होता है। यही हार्मोन प्रेगनेंसी टेस्ट में पता चलता है और शरीर में कई बदलावों का कारण बनता है।
हर महिला में लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ महिलाओं में सभी लक्षण दिखाई देते हैं, जबकि कुछ में केवल एक या दो ही संकेत मिलते हैं।
यह प्रेगनेंसी का सबसे सामान्य और पहला संकेत माना जाता है।
यदि आपके मासिक धर्म नियमित आते हैं और इस बार समय पर नहीं आए हैं, तो प्रेगनेंसी की संभावना हो सकती है।
हालांकि, तनाव, हार्मोनल असंतुलन, PCOS, थायरॉइड या वजन में बदलाव के कारण भी पीरियड लेट हो सकते हैं।
कई महिलाओं को गर्भधारण के लगभग 6–12 दिन बाद हल्की गुलाबी या भूरे रंग की स्पॉटिंग हो सकती है।
यह सामान्यतः
इसे Implantation Bleeding कहा जाता है।
प्रेगनेंसी के शुरुआती दिनों में हार्मोन तेजी से बदलते हैं।
इसके कारण:
दिखाई दे सकते हैं।
यदि बिना किसी कारण के पूरे दिन थकान महसूस हो रही है, तो यह भी शुरुआती प्रेगनेंसी का संकेत हो सकता है।
ऐसा शरीर में बढ़ते Progesterone Hormone के कारण होता है।
महिला को:
जैसे लक्षण हो सकते हैं।
हालांकि इसका नाम Morning Sickness है, लेकिन यह दिन में किसी भी समय हो सकती है।
लक्षण:
कुछ महिलाओं में यह गर्भधारण के तीसरे या चौथे सप्ताह से शुरू हो जाती है।
गर्भधारण के बाद शरीर में रक्त प्रवाह बढ़ जाता है।
इस कारण:
जैसी समस्या हो सकती है।
यह भी बहुत सामान्य लक्षण है।
कुछ महिलाओं को:
जैसे बदलाव महसूस होते हैं।
प्रेगनेंसी में सूंघने की क्षमता बढ़ सकती है।
उदाहरण:
हार्मोनल बदलाव के कारण महिला का मूड तेजी से बदल सकता है।
जैसे:
गर्भाशय में होने वाले बदलावों के कारण हल्की ऐंठन हो सकती है।
यदि दर्द बहुत ज्यादा हो या रक्तस्राव हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
प्रोजेस्टेरोन हार्मोन पाचन को धीमा कर देता है।
इस कारण:
महसूस हो सकता है।
कुछ महिलाओं में Ovulation के बाद शरीर का Basal Body Temperature लगातार ऊंचा बना रहता है।
यदि यह लगातार 18 दिनों तक ऊंचा रहे, तो प्रेगनेंसी की संभावना हो सकती है।
शुरुआती दिनों में:
महसूस हो सकती है।
प्रेगनेंसी में हल्का सफेद, बिना बदबू वाला डिस्चार्ज सामान्य माना जाता है।
यदि:
तो डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए।
कुछ महिलाओं को:
महसूस होती है।
बहुत सी महिलाओं में पीरियड मिस होने से पहले भी कुछ संकेत दिखाई देने लगते हैं।
इनमें शामिल हैं:
हालांकि ये लक्षण सभी महिलाओं में नहीं होते।
नहीं। कई शुरुआती लक्षण PMS (Premenstrual Syndrome), हार्मोनल बदलाव, तनाव, थायरॉइड, PCOS या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण भी हो सकते हैं।
इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर प्रेगनेंसी की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसकी पुष्टि के लिए सही समय पर होम प्रेगनेंसी टेस्ट या ब्लड hCG टेस्ट कराना आवश्यक है।
यदि आपको लगता है कि आप गर्भवती हो सकती हैं, तो सही समय पर प्रेगनेंसी टेस्ट करना सबसे जरूरी होता है। बहुत जल्दी टेस्ट करने पर रिपोर्ट नेगेटिव आ सकती है, जबकि वास्तव में प्रेगनेंसी हो चुकी हो।
होम प्रेगनेंसी किट (Urine Pregnancy Test Kit) में hCG (Human Chorionic Gonadotropin) हार्मोन की जांच की जाती है।
सबसे सही समय:
| रिजल्ट | मतलब |
|---|---|
| दो लाइन | प्रेगनेंसी पॉजिटिव |
| एक लाइन | प्रेगनेंसी नहीं |
| कोई लाइन नहीं | टेस्ट अमान्य |
यदि टेस्ट नेगेटिव आए लेकिन पीरियड फिर भी न आए, तो 48–72 घंटे बाद दोबारा टेस्ट करें।
| ब्लड टेस्ट | यूरिन टेस्ट |
|---|---|
| ज्यादा सटीक | घर पर आसानी से किया जा सकता है |
| शुरुआती प्रेगनेंसी पकड़ सकता है | थोड़ा देर से पॉजिटिव होता है |
| डॉक्टर द्वारा कराया जाता है | मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध |
कई महिलाओं को यह समझ नहीं आता कि यह पीरियड आने के लक्षण हैं या प्रेगनेंसी के।
| PMS | Pregnancy |
|---|---|
| पीरियड शुरू हो जाते हैं | पीरियड मिस हो जाता है |
| दर्द खत्म हो जाता है | स्तनों का दर्द बना रहता है |
| हल्की थकान | लगातार थकान |
| मूड स्विंग | ज्यादा मूड स्विंग |
| मतली कम | मतली ज्यादा |
यदि टेस्ट पॉजिटिव आता है तो घबराएं नहीं।
सबसे पहले
यदि निम्न में से कोई भी लक्षण हों तो तुरंत अस्पताल जाएं—
नहीं। कुछ महिलाओं में—
हर शरीर अलग होता है।
हाँ। कुछ महिलाओं को हल्की Implantation Bleeding होती है, जिसे वे पीरियड समझ लेती हैं।
यदि सफेद डिस्चार्ज—
तो यह सामान्य हो सकता है। लेकिन यदि बदबू, जलन या खुजली हो तो डॉक्टर से मिलें।
हाँ। शरीर में हार्मोनल बदलाव और किडनी में बढ़े हुए रक्त प्रवाह के कारण ऐसा हो सकता है।
हल्की ऐंठन सामान्य हो सकती है। लेकिन यदि दर्द बहुत ज्यादा हो, ब्लीडिंग हो या चक्कर आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
डॉक्टर—
अधिकांश महिलाओं में सबसे पहला लक्षण पीरियड मिस होना होता है। हालांकि कुछ महिलाओं में इससे पहले थकान, स्तनों में दर्द या हल्की स्पॉटिंग भी हो सकती है।
आमतौर पर ओव्यूलेशन के 10–14 दिनों बाद या पीरियड मिस होने के बाद प्रेगनेंसी टेस्ट से पता चल सकता है।
हाँ। कई महिलाओं में शुरुआती हफ्तों में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते।
नहीं। मतली के कई कारण हो सकते हैं। इसकी पुष्टि केवल प्रेगनेंसी टेस्ट से होती है।
हाँ, शुरुआती दिनों में हल्की ऐंठन सामान्य हो सकती है।
हाँ, लेकिन केवल सफेद डिस्चार्ज से प्रेगनेंसी की पुष्टि नहीं की जा सकती।
सही समय पर किया गया टेस्ट लगभग 99% तक सटीक हो सकता है।
हाँ। यदि टेस्ट बहुत जल्दी किया गया हो तो ऐसा हो सकता है।
हाँ। तनाव, हार्मोनल बदलाव और जीवनशैली में परिवर्तन भी पीरियड देर से आने का कारण बन सकते हैं।
जैसे ही प्रेगनेंसी टेस्ट पॉजिटिव आए या असामान्य लक्षण जैसे तेज दर्द, अधिक रक्तस्राव या बेहोशी महसूस हो।